Home News *निगम ने सीज किए दो मैरिज गार्डन, तीन शो रूम* -यूडी टैक्स जमा नहीं करवाने पर कार्रवाई

*निगम ने सीज किए दो मैरिज गार्डन, तीन शो रूम* -यूडी टैक्स जमा नहीं करवाने पर कार्रवाई

मालिकों से आग्रह है कि वे निगम कार्यालय में संपर्क कर अपना बकाया यूडी टैक्स जल्द से जल्द जमा करवा दें। आने वाले दिनों में निगम बकायेदारों के खिलाफ सीजिंग की कार्यवाही को और गति देगा।

by today punjab24

कोटा। नगरीय विकास कर जमा नहीं करवा रहे लोगों के खिलाफ नगर निगम ने गुरूवार को एक बार फिर कार्यवाही की। निगम की टीम ने गुरूवार को शहर में दो मैरिज गार्डन व तीन शोरूम सीज कर दिए। यह कार्यवाही होते ही हड़कंप की स्थिति बन गई और शाम तक एक दुकान मालिक ने बकाया करीब 4 लाख रूपए का यूडी टेक्स जमा करवा दिया।

आयुक्त ओमप्रकाश मेहरा ने बताया कि नगरीय विकास कर के बकाए की वसूली के लिए कार्य योजना तैयार की गई है। उपायुक्त राजस्व धीरज कुमार सोनी के नेतृत्व में एक टीम लगातार उन सभी बकायादरों से सम्पर्क कर रही है जो लंबे समय से नगरीय विकास कर जमा नहीं करवा रहे हैं। पूर्व में भी निगम ने आकाश मॉल सहित कई दुकानों को सीज किया था।

अब निगम ने गुरुवार को सबसे पहले रायपुरा स्थित मरियम मैरिज गार्डन और गुलमोहर मैरिज गार्डन तथा मोटर मार्केट स्थित दो व शॉपिंग सेंटर स्थित एक दुकान को सीज कर दिया। इन सभी पर 33 लाख रूपए से अधिक का नगरीय विकास कर बकाया चल रहा था। ऐसे में शॉपिंग सेंटर स्थित साड़ी के शोरूम  संचालकों ने कुछ ही देर बाद बकाया 4 लाख रुपए नगरीय विकास कर जमा करवा दिया जिस पर सीज को खोल दिया गया। बाकी दुकानदार भी शाम होते-होते अपना बकाया यूडी टैक्स की जानकारी लेने निगम कार्यालय पहुंच गए।

*आने वाले दिनों में तेज होगी कार्यवाही*
आयुक्त ओमप्रकाश मेहरा ने बताया कि नगरीय विकास कर वर्ष 2007 से संपूर्ण राजस्थान में लागू है। ऐसे में वे सभी आवासीय भवन और प्लॉट जो 2700 वर्ग फीट क्षेत्र से अधिक के हैं तथा व्यावसायिक प्लॉट और भवन जो 900 स्क्वायर फीट से अधिक क्षेत्र के हैं, सभी वर्ष 2007 से ही नगरीय विकास कर के दायरे में आते हैं। इन सभी भूखंड और भवन मालिकों से आग्रह है कि वे निगम कार्यालय में संपर्क कर अपना बकाया यूडी टैक्स जल्द से जल्द जमा करवा दें। आने वाले दिनों में निगम बकायेदारों के खिलाफ सीजिंग की कार्यवाही को और गति देगा।

*31 मार्च तक छूट का लाभ लेकर जमा करवाएं यूडी टेक्स*
आयुक्त ओमप्रकाश मेहरा ने बताया कि 2700 वर्गफीट से अधिक के आवासीय भवन और प्लॉट तथा 900 वर्गफीट से अधिक वाणिज्यिक भवन और प्लॉट नगरीय विकास कर के दायरे में आते हैं। नगरीय विकास कर भूखण्ड स्वामी के स्वनिर्धारण पर आधारित है, इस कारण कोई भी व्यक्ति नोटिस नहीं मिलने की बात कहकर कर जमा करवाने एसे बच नहीं सकता। वर्तमान में  2007-08 से 2010-11 तक मूल कर राशि पर 50 प्रतिशत की छूट का लाभ दिया जा रहा है। आयुक्त ने अपील की कि जिन भी व्यक्तियों और संस्थाओं की सम्पत्ति यूडी. टैक्स के दायरे में आती है, वह अविलम्ब अपना यूडी टैक्स जमा करवाएं।

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