Home News 200 साल पुरानी परम्परा आज भी कायम चैत्र नवरात्र में रावण दहन और रामनवमी उत्सव संभया धूमधाम से मनाया जाता है

200 साल पुरानी परम्परा आज भी कायम चैत्र नवरात्र में रावण दहन और रामनवमी उत्सव संभया धूमधाम से मनाया जाता है

पुर्व में यहा मैला परिसर में बनाऐ गऐ रावण के स्तम्भ पर गोबर से बने उपलों को जलाकर रावण जलाने की परम्परा निभाई जाती थी,

by today punjab24

अरण्डखेडा कैतहूँन कोटा में बुराई के प्रतिक 35 फ़ीट रावण के पुतले का देर रात किया दहन
•संपूर्ण ग्रामीण अंचल में अकेला गांव जहां चैत्र नवरात्र में रावण दहन होता

•गाजे बाजे के साथ निकाला श्री रामजी की शौभायात्रा

कोटा अरण्डखेडा । दिनांक 29 मार्च 2026 हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी अरण्डखेडा में श्री रामनवमी महोत्सव संम्या दो दिवसीय मैला आयोजित हुआ,।
अरण्डखेडा में पिछले 200 वर्षो से चली आ रही चैत्र नवरात्र की रामनवमी व दसमी को रावण दहन किया जाता है,
पुर्व में यहा मैला परिसर में बनाऐ गऐ रावण के स्तम्भ पर गोबर से बने उपलों को जलाकर रावण जलाने की परम्परा निभाई जाती थी,वही बैल गाड़ी में राम व लक्ष्मण जी बनाकर उनके द्वारा रावण दहन करवाया जाता था,धीरे धीरे मैले का विकास हुआ फिर श्री राम नवयुवक मंडल का गठन किया उसके माध्यम से गांव के सभी लोगों के जन सहयोग से मैले का विकास होकर सुन्दर झांकियां,व 35 फीट तक की उंचाई का रावण के पुतले का दहन होने लगा

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