Home Life StyleFitness गंभीर रोगी को मिली लंबे समय से चले आ रहे दर्द से कुछ ही दोनों में राहत स्टेचर पर आया पेशेंट अब 8 दिन में ही चल फिरने लगा

गंभीर रोगी को मिली लंबे समय से चले आ रहे दर्द से कुछ ही दोनों में राहत स्टेचर पर आया पेशेंट अब 8 दिन में ही चल फिरने लगा

by today punjab24

 

रिपोर्टर-जसप्रीत सिंह राजस्थान

चिकित्सा के क्षेत्र में जितनी आवश्यकता एक डॉक्टर की होती है, उतनी ही आवश्यकता फिजियोथैरेपिस्ट की भी होती है। चिकित्सक दुर्घटनाओं के बाद या लम्बी बीमारी के दौरान होने वाले असहनीय दर्द के लिए अब फिजियोथैपी की सलाह दे रहे हैं। फिजियोथेरेपी के माध्यम से लोगों का जीवन बेहतर हो रहा है और उनका सालों का दर्द चुटकियों में जा रहा है। कोटा में गुलाटी फिजियोथैरेपी क्लिनिक तलवंडी पर हजारों की संख्या में ऐसे मरीज हैं जो गंभीर बीमारियों से निजात पा चुके हैं, ऐसा ही एक मामला खानपुर झालावाड़ जिले का सामने आया जहां पर दीपक गुर्जर की कमर में मारपीट के कारण बेहद ही गंभीर चोट आई थी, ऐसे में वह काफी दिन झालावाड़ अस्पताल में भर्ती रहे उसके बाद चिकित्साकों ने रेस्ट के लिए कहा, 15 दिन तक रेस्ट करने के बाद भी असहनीय दर्द कम नहीं हो रहा था, उठ बैठ नहीं पा रहे थे, एक सीनियर डॉक्टर को दिखाया जहां उन्होंने फिजियोथेरेपी कराए जाने के लिए कहा गया। दीपक गुर्जर ने बताया कि उसके बाद वह गुलाटी फिजियोथैरेपी क्लिनिक तलवंडी पर पहुंचे जहां पर चद्दर में लपेटकर परिजन उन्हें लेकर के आए थे, स्ट्रेचर पर जैसे तैसे डाला गया, लेकिन दो ही बार की गई फिजियोथेरेपी से वह एक ही दिन में अपने बेड पर बैठ गए, उसके बाद निरंतर उनका उपचार किया गया, डॉ. विनय गुलाटी ने कहा कि मरीज का उपचार ड्राइ निडिलिंग सीएमएनटी तकनीक तथा राजस्थान की पहली डीकंप्रेसन मशीन द्वार किया गया,

जो कोटा में डॉक्टर गुलाटी ही ऐसे फिजियोथेरेपिस्ट हैं जो कोटा में इलाज संभव करा पा रहे हैं। विदेशी टेÑनिंग व तकनीक के माध्यम से मरीज को स्वस्थ कर रहे हैं। कोटा ही नहीं हाडौती और एमपी सहित प्रदेश के कई हिस्सों से मरीज यहां फिजियोथैरेपी के लिए आ रहे हैं। दीपक गुर्जर ऐसा पेशेंट था जो पिछले 15 दिन से बेड पर ही था और सभी क्रियाएं वही निवृत्ति हो रहा था, ऐसे में वह जब क्लीनिक पर पहुंचा तो उसकी स्थिति बेहद ही गंभीर थी, उपचार शुरू किया गया तो दो ही दिन में सपोर्ट पर उसे चला दिया गया, तीसरे और चौथे दिन वह बिना सपोर्ट के चलने लगा, पांचवें दिन उसकी स्थिति बेहद सही हो गई और दो दिन बाद वह चलने फिरने लगा और अब दीपक दौड़ रहा है, कूद रहा है, खेल रहा है और 4 किलोमीटर तक आराम से चल भी रहा है। डॉ. गुलाटी ने बताया कि कई तरह की तकनीक का उपयोग किया गया, दीपक की रीड की हड्डी हल्के से घूम गई थी, जिसके कारण उसे काफी असहनीय दर्द हो रहा था, दीपक को दर्द से अब पूर्ण रूप से निजात मिल गई है। डॉ. गुलाटी का कहना है कि दीपक आगे भी किसी तरह से परेशान नहीं होगा, वह आम व्यक्ति की तरह पूरा जीवन व्यतीत कर सकता है, डॉ. गुलाटी ने कहा कि फिजियोथैरेपी में कई बड़ी बीमारियों का भी इलाज संभव है, चिकित्सकों की सलाह पर पूर्ण इलाज लिया जाना आवश्यक है और पूर्ण इलाज लेने के बाद वह संपूर्ण ठीक हो जाता है।

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