कोटा। जय बाईसा राज राजपुताना संस्था का स्थापना दिवस राजपूत महिलाओं द्वारा गौरवपूर्ण तरीके से भीतरिया कुंड स्थित मंदिर परिसर में मनाया गया। इस अवसर पर समाज की शक्ति, परंपरा और सांस्कृतिक धरोहर को रेखांकित किया गया। कार्यक्रम में महिलाओं ने सक्रिय भागीदारी निभाते हुए समाज में अपनी भूमिका, नेतृत्व क्षमता और संगठन को मजबूत करने को लेकर विचार-विमर्श किया।
कार्यक्रम के दौरान महिलाओं ने गौसेवा करते हुए गायों को हरा चारा खिलाया तथा मछलियों को दाना, पक्षियों को दाना डाला। साथ ही गरीब बच्चों को भोजन और फल वितरित कर सेवा कार्य भी किए गए।
संस्था की संस्थापक हेमलता सिंह गहलोत ने सभी राजपूत बाईसा और भाभीसा से संगठन को मजबूत बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जय बाईसा राज राजपुताना संस्था समाज के उत्थान और महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। इस अवसर पर भविष्य की योजनाओं और समाजहित के कार्यों को लेकर भी चर्चा की गई।
संस्था की सचिव हेमलता हाड़ा ने कहा कि राजपूत समाज की बाईसा और भाभीसा को घरों से निकलकर केंद्र सरकार द्वारा लाए गए नए यूजीसी कानून का कड़ा विरोध करना चाहिए। उन्होंने कहा कि जय बाईसा राज राजपुताना संस्था महिला संगठन इस कानून को हिंदू समाज को विभाजित करने वाला मानता है और इसे तुरंत वापस लेने की मांग करता है।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि यह कानून वापस नहीं लिया गया, तो समाज की महिलाएं भी सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेंगी और कड़ा विरोध दर्ज कराएंगी। साथ ही उन्होंने महिलाओं से अपील की कि यदि वे बाहर आकर विरोध नहीं कर सकतीं, तो सोशल मीडिया के माध्यम से अपना विरोध अवश्य दर्ज कराएं।
संस्था की कोषाध्यक्ष सरोज झाला ने कहा कि क्षत्राणियों को क्षेत्र के गांवों में रहने वाली राजपूत समाज की महिलाओं को भी जागरूक करना होगा। उन्होंने कहा कि यह समय घर में बैठने का नहीं है, बल्कि समाज के हित में आगे आने का है। उन्होंने कहा कि सामाजिक कार्यक्रमों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाना आवश्यक है, ताकि समाज मुख्यधारा के साथ तेजी से आगे बढ़ सके।
बैठक में मुख्य रूप से उपस्थित
सुनीता राणा, नीतू चौहान, कोमल बाईसा लक्ष्मी सिसोदिया रानू सीक्रवार, नीतू कंवर, सुगन कवर, डोली बाईसा, शशि चौहान आभा कंवर,दुर्गेश सिसोदिया आदि
मौजूद रही
जय बाईसा राज राजपुताना संस्था की महिलाओं ने मनाया स्थापना दिवस
मीटिंग में यूजीसी कानून का कड़ा विरोध, राजपूत महिलाओं से सोशल मीडिया पर विरोध दर्ज कराने की अपील
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